दमा के रोगियों को क्या नहीं करना चाहिए

दमा साँसों से जुड़ी जानलेवा बीमारियों में से एक है। अगर व्यक्ति को एक बार दमा का अटैक आया और उस व्यक्ति का तुरंत प्राथमिक उपचार नहीं किया जाता तो व्यक्ति की मौत भी हो जाती है। दमा के मरीज हमेशा अपने पास सांस के लिए पंप रखते है ताकि अटैक आने पर पंप से कृत्रिम सांस ली जा सके।

दमा के मरीजों के लिए क्या है जानलेवा (What is dangerous for asthmatics patients):  

ज्यादातर दमा के मरीजों को दमा होने पर क्या करे क्या न करे, इसके बारे में पता ही नहीं होता। जो सबसे ज्यादा हानिकारक सिद्ध हो सकती है।

दमा होने का कारण (Causes of Asthma):

  1. बहुत अधिक धूल और वायु प्रदुषण।
  2. किसी बहुत ही तेज गंध के कारण।
  3. तेजी से मौसम में बदलाव होने से।
  4. बहुत अधिक स्मोकिंग(smoking) और अल्कोहल(alcohol) लेने से।
  5. किसी भी वस्तु या गंध से एलर्जी होने से।
  6. बहुत अधिक मोटापा।

क्या न करें अस्थमा के मरीज (Do not Do Asthma Patients):ऐसा नहीं है की अस्थमा के मरीज एक सामान्य जीवन नहीं जी सकते है लेकिन उन्हें कुछ बातों का विशेष ध्यान रखना जरुरी है और कुछ आसान सी सावधानियों से एक स्वस्थ और लम्बा जीवन जी सकते है।

ड्राई फ्रूट्स(Dry fruits): ड्राई फ्रूट्स वैसे तो हर हाल में हमारी हेल्थ के लिए बहुत ही लाभदायक होते है लेकिन अस्थमा के मरीजो के लिए ड्राई फ्रूट्स नुकसानदेह सिद्ध हो सकता है। इसमें सल्फाइट्स ( sulfites) पाया जाता है जो फेफड़ो के आसपास सुजन पैदा कर देता है जिससे श्वास नली में बलगम जमा होने लगता है और अस्थमा को बढ़ावा देता है।

मूंगफली( Peanut) : पीनट यानी की मूंगफली, पीनट के सेवन से ज्यादातर लोगों को एलर्जी होने के चांसेस होते है और खासकर के कच्चे पीनट और पीनट बटर। इसमें एंटी-ओक्सिडेंट प्रॉपर्टीज बहुत कम मात्रा में होती है। इसके सेवन से सीने में जमा बलगम तेजी से नहीं पिघल पाता है। इसीलिए दमा के मरीजो को पीनट के सेवन से पहले एक बार एलर्जी टेस्ट जरुर करना चाहिए।

अचार(Pickle): अचार को बनाने के लिए कई तरह के मसालों का इस्तेमाल किया जाता है साथ ही इसमें बहुत अधिक मात्रा में आयल डाला जाता है ताकि ये अच्छे से गल सके लेकिन जैसे-जैसे अचार पकने लगता है वैसे-वैसे इसमें एसिडिक प्रॉपर्टीज बढ़ने लगती है। जो अस्थमा के मरीजो के घातक होता है।

फ़ास्ट फ़ूड एंड ऑयली फ़ूड(Fast food and oily food): फ़ास्ट फ़ूड हो या ऑयली फ़ूड किसी भी तरह से हमारी सेहत के लिए लाभकारी नहीं है। इस तरह के खाने में बहुत अधिक मात्रा में वसा मौजूद होता है जिससे बैड कोलेस्ट्रोल भी बढ़ने लगता है और रोगों से लड़ने की क्षमता कम हो जाती है जिसकी वजह से अस्थमा बार बार अटैक करने लगता है।

शरूम(Mushroom) : अस्थमा के रोगियों को मशरूम का सेवन नहीं करना चाहिए इसमें मौजूद ओक्सिडेंट एलर्जी पैदा कर सकता है। एलर्जी के कारण सांस नली सिकुड़ने लगती है जिससे दमा के रोगियों को सांस लेने में परेशानी महसूस होने लगती है। हालाँकि मशरूम सभी के लिए हानिकारक नही होता है फिर भी इसके सेवन से पहले एक बार डॉक्टर की सलाह जरुर ले।

धूल और गंदगी(Dust and Dirt): अस्थमा के मरीजो के लिए सबसे ज्यादा खतरनाक होती है धूल और गंदगी। धूल के कारण श्वास नली जाम होने लगती है और बहुत अधिक खांसी और छींक आने लगती है जो अस्थमा के अटैक की वजह बन सकता है।

बियर, वाइन और लेमन जूस (Beer, wine and lemon juice): दमा के रोगियों के अल्कोहल युक्त चीजों का सेवन बहुत ही हानिनकारक हो सकता है इसे बनाने के लिए सल्फाइट्स (sulfites) का प्रयोग किया जाता है जो दमा के रोगियों के लिए बहुत ही नुकसानदेह होता है। इनके सेवन से सांस की नली बलगम होने का खतरा बढ़ जाता है। जिससे अस्थमा के अटैक आ सकते है।

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