डायबिटीज के रोगी क्या खाएं

डायबिटीज यानि की मधुमेह भारत समेत पुरे विश्व को अपनी चपेट में तेजी से ले रहा है। कई बार तो मधुमेह के रोगियों को अपने बड़े हुए सुगर के बारे में पता ही नहीं होता।

क्यों होता है मधुमेह (Reason of Diabetic):

बढती उम्र के साथ (With increasing age): अगर आपकी उम्र 35 से ज्यादा हो चुकी है तो आप सुगर की जांच जरुर करवाए। बढती उम्र में टाइप-2 डायबिटीज होने का खतरा होता है।

इंसुलिन के कम होने से (Reduced Insulin): पेंक्रियाज ग्रंथी के ठीक से काम न करने से शरीर में इंसुलिन की मात्रा कम हो जाती है जिससे मधुमेह रोग हो जाता है।

ब्लड में सुगर की मात्रा बढ़ने पर (Increase the amount of sugar in the blood): हमारी बॉडी को सुगर की आवश्यकता होती है लेकिन जब इंसुलिन कम होने लगता है तब ब्लड में शर्करा की मात्रा बढ़ जाती है।

अनुवांशिक कारण से (Genetic reasons): कई बार गर्भवती महिलाओं को मधुमेह होता है तो ये होने वाले बच्चे को भी होने के चांसेस होते है इसके अलावा अगर घर में किसी को डायबिटीज होता है तो ये आगे की पीढ़ी को भी हो सकता है।

बहुत अधिक मोटापा ((To much Fatness): मोटापा डायबिटीज को बढ़ावा देता है। शरीर में एक्स्ट्रा चर्बी होने की वजह से ब्लड में glucose बढ़ने लगता है। जो की आगे चलकर मधुमेह का रूप ले लेती है।

मधुमेह में क्या-क्या खाएं ( What to eat in Diabetes) :

फल खाएं मधुमेह में (Eat Fruits in Diabetes)

कीवी (Kiwi): कीवी फल हमारी बॉडी में प्लेटलेट्स को बढाने में बहुत ही उपयोगी होता है। प्लेटलेट्स की कम होने पर व्यक्ति की मृत्यु तक हो जाती है। कीवी खाने से ब्लड में सुगर की मात्रा कम होती है।

सेब (Apple): वैसे तो सेब ज्यादातर मीठे होते है लेकिन मधुमेह के रोगियों के लिए सेब बहुत ही असरदार होते है इसमें फाइबर, पोटेशियम और एंटी-ओक्सिडेंट पाया जाता है।

आंवला (Amla): आंवले में विटामिन-C, कैल्शियम, पोटेशियम और फाइबर पाया जाता है इसके सेवन से ब्लड में शर्करा नहीं बढती। इसके अलावा आंवला हमारे मेटाबोलिज्म को बढ़ाता है जिससे हमारा वजन नहीं बढ़ता।

अमरुद (Guava): अमरुद का सेवन डायबिटीज के रोगियों के लिए काफी फायदेमंद होता है इसमें फाइबर, विटामिन-C, पोटेशियम और एंटी-ओक्सिडेंट होता है। अमरुद ब्लड प्रेशर को कण्ट्रोल में रखने में भी इफेक्टिव है।

जामुन (Black berry): जामुन और जामुन के बीज दोनों ही एंटी-ओक्सिडेंट और एंटी-इंफ्लेमेटरी प्रॉपर्टीज से परिपूर्ण है। इसमें फाइबर, कैल्शियम, पोटेशियम और मिनरल्स पाए जाते है। मधुमेह के रोगियों के लिए जामुन के बीज का पाउडर गुनगुने पानी के साथ लेने से सुगर लेवल कण्ट्रोल हो जाता है।

मधुमेह में खाएं सब्जियां (Eat vegetables in diabetes)

करेला (Bitter gourd): ज्यादातर डायबिटीज के रोगियों को करेला खाने के लिए कहा जाता है क्योंकि करेला पेंक्रियाज ग्रंथी के ठीक से काम न करने पर इंसुलिन को बनाने में मददगार होता है। करेले की सब्जी हो या करेले का जूस, करेले का सेवन मधुमेह को कण्ट्रोल करने में सबसे ज्यादा इफेक्टिव होता है।

मेथी का साग और मेथी बीज (Fenugreek’s greens and fenugreek seeds): मेथी का साग आपको पुरे साल नहीं मिल सकता लेकिन मेथी के बीज किसी भी मसाला दूकान पर आसानी से मिल जाते है। मेथी में फाइबर, पोटेशियम, विटामिन्स, मिनरल्स, एंटी-ओक्सिडेंट और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते है। रोजाना सुबह दो चम्मच भीगे हुए मेथी के बीजो को चबा-चबा कर खाने से ब्लड में सुगर लेवल कण्ट्रोल हो जाता है।

फूलगोभी और बंदगोभी (Cauliflower and Cabbage): वैसे तो मधुमेह में ब्रोकली का सेवन बहुत ही लाभदायक होता है लेकिन उसके साथ-साथ फूलगोभी और बंदगोभी खाना भी आपके शरीर को स्वस्थ रखने में बहुत ही इफेक्टिव है इसमें आयरन, पोटेशियम, सल्फ़र, कॉपर, विटामिन-B और विटामिन-C जैसे पोषक तत्व पाए जाते है। इन्हें कच्चा खाने से ब्लड में शर्करा की मात्रा नहीं बढती है।

टमाटर (Tomato) : टमाटर में विटामिन-C, प्रोटीन, पोटेशियम, मैग्नशियम, एंटी-ओक्सिडेंट और एंटी-इंफ्लेमेटरी जैसे पोषक तत्व पाए जाते है। रोजाना सुबह-शाम कच्चा टमाटर खाए। इससे आपका पेट भी साफ़ होता है और पाचन शक्ति भी बढ़ेगी।

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