डायबिटीज की कैसे करें रोकथाम

डायबिटीज एक जानलेवा बीमारी है जो धीरे-धीरे व्यक्ति को मौत के मुँह में ले जाती है। एक बार अगर किसी व्यक्ति को डायबिटीज हो जाए तो उसके बाद व्यक्ति को कई तरह के कष्टों से गुजरना पड़ता है।

डायबिटीज को कण्ट्रोल में रखने के लिए डायबिटीज के रोगियों को इंसुलिन का इंजेक्शन लेना पड़ता है।

क्यों होता है डायबिटीज ( Diabetes Reason)

  1. इंसुलिन का निर्माण न होने से (Without insulin production): जब शरीर में पेंक्रियाज ग्रंथी ठीक से कार्य नहीं कर पाता है और इसकी वजह से बॉडी के लिए पर्याप्त इंसुलिन नहीं बन पाता जिसके कारण रक्त में शर्करा (sugar) की मात्रा बढ़ जाती है।
  2. जेनेटिक (genetic): अगर आपके घर में आपके माता-पिता हो डायबिटीज होता है तो ये आपको भी होने के चांसेस होते है।
  3. बहुत अधिक मोटापा (To much Fatness): बढ़ा हुआ मोटापा डायबिटीज की बीमारी को बढ़ावा देने लगता है मोटापे की वजह से रक्तचाप हमेशा हाई रहने की आशंका बनी रहती है। बढ़ा हुआ कोलेस्ट्रोल लेवल भी डायबिटीज के लिए जिम्मेदार कारक हो सकता है।

डायबिटीज के प्रकार (Types of diabetes):     

डायबिटीज दो प्रकार की होती है।

  1. टाइप-1 (Type 1)
  2. टाइप-2 (Type 2)

टाइप-1((Type 1):  टाइप-1 डायबिटीज ज्यादातर उन लोगों को होती है जिसकी पेंक्रियाज ग्रंथी ठीक से काम नहीं करती या बिलकुल भी काम नहीं कर पाती। इसमें मरीज के शरीर में इंसुलिन की कमी हो जाती है और साथ ही टाइप-1 डायबिटीज जेनेटिक होने के चांसेस भी बहुत ज्यादा होते है। इसकी रोकथाम के लिए इंसुलिन का इंजेक्शन दिया जाता है। ये ज्यादातर 12 से 25 साल तक के लोगों को होता है।

टाइप-2 ((Type 2):  टाइप-2 डायबिटीज ज्यादा उन लोगों को होता है जो मोटापे की समस्या से जूझ रहे है। ज्यादातर लोग जो एक ही जगह बैठे रहते है और फिजिकल एक्सरसाइज न के बराबर ही करते है उन्हें टाइप-2 डायबिटीज होने का खतरा ज्यादा होता है। ये 40 साल के बाद होता है।

कैसे पहचाने डायबिटीज को (How to recognize diabetes):

  1. अचानक आँखों की रोशनी का कम होना।
  2. शरीर में किसी तरह के घाव को ठीक होने में बहुत वक्त लगना।
  3. स्किन में इन्फेक्शन होना और जल्दी ठीक न होना।
  4. बार-बार प्यास का लगना और शौच के लिए जाना।
  5. वजन का अचानक ही बहुत तेजी से कम होने लगना और शरीर थका-थका महसूस होना।

डायबिटीज की रोकथाम के घरेलु उपाय (Home remedies for prevention of diabetes): डायबिटीज उन बीमारियों में से है जिसकी चपेट में अगर आप एक बार आ जाते है तो ठीक नहीं होता लेकिन डायबिटीज को कण्ट्रोल करके के एक सामान्य जीवन जरुर जी सकते है।

इसके बहुत से घरेलु उपाय है।

डायबिटीज को कैसे करे कण्ट्रोल (How to control diabetes):

आवश्यक सामग्री (Ingredients)

सेब का सिरका (Apple vinegar): 2 टेबल स्पून

दालचीनी पाउडर (cinnamon powder): 2-3 चुटकी

अलसी (Linseed): 1 tea स्पून

ओलिव आयल (olive oil): हाफ tea स्पून

कैसे करे उपयोग (How To Use):

एक बाउल में 2 टेबल स्पून सेब का सिरका (एप्पल cider vinegar), 2 से 3 चुटकी दालचीनी पाउडर (cinnamon powder), 1 tea स्पून अलसी पाउडर (flexseeds) और हाफ tea स्पून ओलिव डाल कर अच्छे से मिक्स कर लें।

इस पेस्ट को सुबह नाश्ता करने से आधे घंटे पहले खाए और फिर नाश्ता कर लें।

इसके रेगुलर सेवन से एक हफ्ते में ही आपका डायबिटीज कण्ट्रोल होता दिखने लगेगा।

नोट: जो भी ingredents इस्तेमाल की गई है उन सबको अगर अलग-अलग भी खायेंगे तो भी ये डायबिटीज को कण्ट्रोल करने में बहुत ही इफेक्टिव है। (Note: Even if ingredients have been used, they will eat them separately, but they are very effective in controlling diabetes.)

क्या करे डायबिटीज के दौरान (What to do during diabetes):

  1. डायबिटीज होने पर मीठी चीजों से परहेज करे।
  2. वजन को हमेशा कण्ट्रोल में रखे। महीने-महीने पर वजन करते रहे।
  3. रोजाना व्यायाम जरुर करे।
  4. कम से कम 8 घंटे की नींद जरुर ले।
  5. पुरे दिन में 7 से 8 लीटर पानी जरुर पिए।
  6. धुम्रपान करते है तो तुरंत ही छोड़ दे।
  7. अपने खाने में फाइबर युक्त चीजों को अधिक शामिल करे।
  8. रोजाना 10 मिनट धुप में खड़े हो जिससे आपको विटामिन-d मिल सके।

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